28. ३ महीनों में कोर्ट के फैसले आप कैसे सुनिश्चित करेंगे? और इतने सारे लंबित मामले हैं उनका क्या होगा?
वर्तमान में देश की सभी अदालतों में कुल ३ करोड़ मामले लंबित हैं, जिसमे से सुप्रीम कोर्ट में ४०,०००, सारे हाई कोर्टों में ३० लाख और निचली अदालतों में लगभग २.६० करोड़ मामले हैं.
इसका निपटारा हम निम्नलिखित तरीके से करना चाहते हैं
१. जनसंख्या के अनुपात में जजों की संख्या को लाना: वर्तमान में भारत में प्रति १० लाख लोगों पर १२ जज हैं, जबकि यू.के. में यह ५१ है, ऑस्ट्रेलिया में ५८, कनाडा में ७५ और अमेरिका में १०७. भारत को इस समय यह अनुपात ५० के करीब चाहिए, जिससे नए कोर्ट बनाये जा सकें और मौजूदा कोर्टों को २-३ परियों में २४ घंटे संचालित किया जा सके.
२. कोर्टों के २ महीने के अवकाश को ख़त्म करना.
३. सारी रिक्तियों को तुंरत भरना.
४. स्थगन को बहुत ही कठिन और खर्चीला बनाना जिससे दोनों पक्ष मामले को ताल ना पाएं.
५. गवाहों और पक्षों के बयानों की विडियो रिकार्डिंग को सबूत के तुअर पर मान्यता देना.
६. विशेष अदालतों के लिए विशेष-प्रशिक्षण प्राप्त जज.
७. मध्यस्थों और अदालत-पूर्व समझौते को अधिक प्रोत्साहन देना.
८. 'संदेह से परे' प्रणाली को बदलकर 'संभावनाओं की प्रधानता' प्रणाली करना.
९. एक समय सीमा के बाद यदि मामला कोर्ट में लंबित रहे तो उसके लिए जज को उत्तरदाई बनाना.
१०. कोर्ट के सभी रिकॉर्ड और प्रक्रियाओं का कम्प्यूटरीकरण.
११. सिर्फ़ एक अपील का प्रावधान.
यहाँ ध्यान देने योग्य ये बात है की इस प्रकार के कई सुझाव पूर्व में कई समितियों और आयोगों द्वारा दिए जा चुके हैं, पर राजनैतिक कमोजोरियों और स्वार्थों के लिए इनको हमेशा दरकिनार किया जाता रहा.
इन सभी उपायों के अलावा एक उपाय यह भी है कि हम पुराने और गैर-ज़रूरी अधिनियमों और कानूनों को ख़त्म करें और इनसे होने वाले मुकदमों से बच जाएँ. इस समय इस तरह के कानूनों की कुल संख्या ३०,००० के करीब है, जैसे समाजवाद से प्रभावित भूमि अधिग्रहण के कानून, सामाजिक बदलाव लाने के लिए थोपे गए इन कानूनों से गरीब जनता का भला तो कुछ हुआ नही उल्टा सरकार जनता का पैसा मुक़दमे लड़ने में बरबाद करती रही.
जागो पार्टी शुरू से यह कहती आई है की व्यापार करना सरकार का काम नही वो व्यापारियों के लिए छोड़ देना चाहिए और सरकार को देश के लिए बेहद ज़रूरी कामों और सेवाओं पर ध्यान देना चाहिए, हमारा मानना है की भारत का काम इन कानूनों के बिना ज्यादा अच्छे से चलेगा और इनको हटाना ही श्रेष्ठ विकल्प है. जागो पार्टी सरकार में आते ही लंबित मामलों को आपसी समझौते द्वारा जल्दी से जल्दी निपटाएगी और उपरोक्त सभी बदलाव हमारे सिस्टम में लाएगी.
जागो पार्टी हिन्दी वेबसाइट टाईटल-बार (बीटा) JAGO PARTY HINDI WEBSITE (BETA)
13 December 2008
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