26. ऐसा माना जाता है कि भारत के अरबों रुपए काले धन के रूप में विदेशी बैंकों में जमा हैं, इस पैसे को वापस भरत लाने के लिए आपके पास क्या योजना है?
काले धन को वापस लाने से पहले हमें यह समझ लेना चाहिए की इसकी उत्पत्ति कैसे होती है, भारत में काला धन अधिक टैक्स दरों और हर क्षेत्र में सरकार की दखलअंदाजी के कारण है, इमानदार आजीविका के रास्ते में इतनी सारी सरकारी रुकावटें खड़ी कर दी जाती हैं की कोई रिश्वत के अलावा कोई दूसरा रास्ता नज़र नही आता, कभी सब्सिडी के नाम पर तो कभी लोक निर्माण के नाम पर दोनों हाथों से हमारे टैक्स को लूटा और बरबाद किया जाता है, और हमारी न्याय-प्रणाली और अन्य संस्थाएँ इससे निपटने के लिए समर्थ नही हैं. चुनावों में होने वाले खर्चे भी इसका एक प्रमुख कारण हैं.
इन सभी का समाधान करके हम अपने आप काले धन को कम कर पाएंगे, जैसे जागो पार्टी हर क्षेत्र में सरकारी दखल-अंदाजी ख़त्म कर देगी, टैक्स की दरों को कम करेगी, निजी उद्यम को हर तरह से बढ़ावा देगी, और सरकारी खर्चे पर चुनावों के प्रचार को भी लागू करेगी.
जहाँ तक उस पैसे का सवाल है व्यक्ति बिना किसी सवाल-जवाब के उसे देश में १०% टैक्स देकर ले आए और निजी क्षेत्र में निवेश कर दे, जिससे देश का पैसा देश में होगा और यहाँ के लोगों को रोज़गार और आजीविका देने के काम आएगा.
जागो पार्टी हिन्दी वेबसाइट टाईटल-बार (बीटा) JAGO PARTY HINDI WEBSITE (BETA)
13 December 2008
FAQ 25
25. व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने से समाज में अनैतिकता नही बढेगी?
यदि दो वयस्क आपसी सहमति से कुछ करना चाहते हैं तो समाज और सरकार का कोई हक नही बनता की उन्हें रोकें, सभी को अपने हिसाब से रखने की छूट हो जब तक वो किसी नुकसान नही पहुंचाते. व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर नैतिकता थोपना सही नही है, अनैतिकता का सवाल तभी उठता है जब किसी कम को ज़ोर-ज़बरजस्ती से करवाया गया है या धोखे से.
अगर कोई व्यक्ति पैसा कमाने के लिए स्वेच्छा से सेक्स बेचना चाहते हैं और कोई उसको खरीदना चाहता है, तो ये उनका मामला है, दूसरों को अधिकार नही है कि अपने मूल्य दूसरों पर लादें. पर अगर कोई ज़बरजस्ती किसी से वेश्यावृत्ति करवाना चाहता है तो वह एक अपराध होगा और सरकार और समाज के अंतर्गत आ जाएगा, अन्यथा नही.
कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह कि स्वतंत्रता भारतीय संस्कृति के विरुद्ध होगी, हमारा मानना है कि यह व्यक्ति के ऊपर है कि वो किस संस्कृति को अपनाना चाहता है, इसको थोपा नही जाना चाहिए, सभी बिना ज़ोर और धोखे के हसीं-खुशी रहें इसमें ही समृद्धि है.
यदि दो वयस्क आपसी सहमति से कुछ करना चाहते हैं तो समाज और सरकार का कोई हक नही बनता की उन्हें रोकें, सभी को अपने हिसाब से रखने की छूट हो जब तक वो किसी नुकसान नही पहुंचाते. व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर नैतिकता थोपना सही नही है, अनैतिकता का सवाल तभी उठता है जब किसी कम को ज़ोर-ज़बरजस्ती से करवाया गया है या धोखे से.
अगर कोई व्यक्ति पैसा कमाने के लिए स्वेच्छा से सेक्स बेचना चाहते हैं और कोई उसको खरीदना चाहता है, तो ये उनका मामला है, दूसरों को अधिकार नही है कि अपने मूल्य दूसरों पर लादें. पर अगर कोई ज़बरजस्ती किसी से वेश्यावृत्ति करवाना चाहता है तो वह एक अपराध होगा और सरकार और समाज के अंतर्गत आ जाएगा, अन्यथा नही.
कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह कि स्वतंत्रता भारतीय संस्कृति के विरुद्ध होगी, हमारा मानना है कि यह व्यक्ति के ऊपर है कि वो किस संस्कृति को अपनाना चाहता है, इसको थोपा नही जाना चाहिए, सभी बिना ज़ोर और धोखे के हसीं-खुशी रहें इसमें ही समृद्धि है.
FAQ 24
24. आप प्रवासी भारतीयों को मतदान का अधिकार क्यों देना चाहते हैं?
प्रवासी भारतीय दूसरे देशों में होते हुए भी भारत से सदा जुडाव महसूस करते हैं, उनकी जड़ें तो भारत में ही हैं. विदेश जाकर भी मौद्रिक और बौधिक सम्पदा निरंतर भारत में वापस भेजते हैं. भारत भेजे गए डॉलरों का आंकडा अरबों में जाता है.
इसके अलावा वे दूसरे देशों में हमारे अनौपचारिक सांस्कृतिक राजदूत हैं उनकी उपलब्धियों से हमारा सर भी गर्व से ऊँचा होता है, क्या देश की सेवा करने वाले, देश का नाम ऊँचा करने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित रखना उचित है? राजनैतिक रूप से उनकी संख्या गौण है, हमारा ये कदम तो सर्वथा उनके प्रति हमारे आदर और प्यार का प्रतीक मात्र होगा, जो उनके साथ-साथ हमें भी भारतीय होने का एहसास करवाएगा.
प्रवासी भारतीय दूसरे देशों में होते हुए भी भारत से सदा जुडाव महसूस करते हैं, उनकी जड़ें तो भारत में ही हैं. विदेश जाकर भी मौद्रिक और बौधिक सम्पदा निरंतर भारत में वापस भेजते हैं. भारत भेजे गए डॉलरों का आंकडा अरबों में जाता है.
इसके अलावा वे दूसरे देशों में हमारे अनौपचारिक सांस्कृतिक राजदूत हैं उनकी उपलब्धियों से हमारा सर भी गर्व से ऊँचा होता है, क्या देश की सेवा करने वाले, देश का नाम ऊँचा करने वाले लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित रखना उचित है? राजनैतिक रूप से उनकी संख्या गौण है, हमारा ये कदम तो सर्वथा उनके प्रति हमारे आदर और प्यार का प्रतीक मात्र होगा, जो उनके साथ-साथ हमें भी भारतीय होने का एहसास करवाएगा.
Subscribe to:
Posts (Atom)
